भिलाई। कला के सच्चे साधक बिरजु महराज के निधन से एक युग का अंत हो गया है। उनके बिना कत्थक जगत की कल्पना ही नहीं की जा सकती। ये उद्गार स्व. बिरजु महाराज की अनुयायी एवं रायगढ़ घराने की प्रसिद्ध कत्थक नृत्यांगना डॉ सरिता श्रीवास्तव ने व्यक्त किये। डॉ सरिता सम्प्रति शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, धनोरा दुर्ग में व्याख्याता हैं। उन्होंने बिरजु महाराज के साथ बिताए गण क्षणों को साझा किया है।












