No Religion India

No Religion No Faith Movement

अति किसी भी बात की बुरी ही होती है फिर चाहे वह प्यार हो, सहानुभूति हो या नफरत. इसी तरह दवा का ओवरडोज भी खतरनाक होता है. अब यही बात धर्म-कर्म पर लागू होने लगी है. वैज्ञानिक दुनिया में बेसिर-पैर के पाखण्ड में यकीन करने वालों की संख्या लगातार और तेजी से कम हो रही है. अधिकांश केवल परम्परा के नाम पर इन्हें ढो रहे हैं. पर अब लोग इन पाखण्डों से भी भागने लगे हैं. वे इसका विरोध तो नहीं करते पर सम्मिलित भी नहीं होते. जहां तक हिन्दू समाज का प्रश्न है तो इसमें विभिन्न संस्कारों का पालन किया जाता है.

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