कभी-कभी नियम कानून भी जी का जंजाल बन जाते हैं. नियम कानून के चक्कर में पड़कर राजनांदगांव में शवों की मिट्टी खराब हो रही है. मेडिकल कालेज और जिला अस्पताल के बीच शवों का बंटवारा कर दिया गया है. यह बंटवारा मृतक के थाना क्षेत्र को आधार बनाकर किया गया है. यदि मृतक शहरी थाना क्षेत्र का है तो उसका शव परीक्षण (पोस्टमार्टम) मेडिकल कालेज में होगा. यदि मृतक ग्रामीण क्षेत्र का हुआ तो उसका पोस्टमार्टम जिला अस्पताल में होगा.












