देश में अच्छी सड़कें मौत का कारण बन रही हैं. शायद हम इसके लायक ही नहीं हैं. सड़कें अच्छी होती हैं तो हम तूफानी रफ्तार पकड़ लेते हैं. गाड़ियों में आमने-सामने टक्कर होने लगती है. हादसे तब ज्यादा होते हैं जब सड़क सीधी हो और मौसम भी साफ हो. अर्थात अच्छी चीजें हमें सूट नहीं करतीं. देखी है न लालबत्ती वाले चौराहों की हालत. यहां रोज दो चार-जानें जाते-जाते बचती हैं. लोग लालबत्ती जम्प करते हैं. ऐन चौराहे के बीचों बीच से पैदल सड़क पार करते हैं. चलते-चलते एकाएक दिशा बदल लेते हैं. सबसे ज्यादा हड़बड़ी में बाईक और स्कूटी वाले होते हैं.












