छत्तीसगढ़ फिलहाल इलेक्शन-मोड में है. कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा सभी जिम्मेदारों से उनका दुःख दर्द पूछ रही हैं. जहां कहीं भी संभव हो पा रहा है, बातचीत के जरिए मन-मुटावों को सुलझाने की कोशिश कर रही हैं. पार्टी की कम से कम तीन महिला महापौरों ने उनसे कहा है कि स्थानीय नेता उन्हें काम नहीं करने देते. इन नेताओं के कारण उनका परफारमेंस खराब हो रहा है. इनमें से कुछ नेता इतने प्रभावशाली हैं कि पार्टी के अधिकांश पार्षद भी उनकी ही बात मानते हैं.












