Politics of Promises

Politics of Promises

कुछ लोगों की फितरत होती है दूसरों के परिवार में आग लगाने की. उनके निशाने पर किसी परिवार की वो बहू-बेटियां होती हैं जो किसी न किसी वजह से असंतुष्ट चल रही होती हैं. वो असंतोष को हवा देकर सब्जबाग दिखाते हैं और अपनी हवस पूरी कर निकल लेते हैं. फिर विवाहेत्तर संबंध बनते हैं और कभी-कभी बात जघन्य अपराध तक पहुंच जाती है. परिवार टूट जाते हैं. कभी पति दूसरा घर बसा लेता है तो कभी पत्नियां पति-बच्चों को छोड़कर चली जाती हैं. भारतीय समाज ऐसे लोगों को पसंद तो नहीं करता पर ऐसे लोगों को समाज से अलग करने की कोई रणनीति भी उसके पास नहीं है.

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