बच्चों ने प्रेम विवाह कर लिया तो परिवार का हुक्का पानी बंद. किसी ने अंध-विश्वास और दकियानूसी परम्पराओं का विरोध किया तो उसका भी हुक्का पानी बंद. अकसर पंचायतें पहले दंड लगाती हैं और जब पीड़ित दंड की राशि नहीं दे पाता है तो उसका हुक्का पानी बंद कर दिया जाता है. यह भी एक तरह की ब्लैकमेलिंग है जिसे समाज ने स्वीकार कर लिया है. हुक्का पानी खत्म करने की भी अपनी रेट लिस्ट होती है. अपराध के आकार प्रकार के आधार पर दण्ड लगाया जाता है. एक बार हुक्का पानी बंद होने पर दण्ड की राशि बढ़ जाती है.












