अपघात से विपत्ति, विकलांगता और मृत्यु का इससे ज्यादा भयावह नजारा और क्या होगा? शहरों में घूमने फिरने वाले आवारा कुत्तों के लिए जहां दयावान किस्म के गृहस्थ जिम्मेदार हैं वहीं भारत की आबादी का एक बड़ा हिस्सा आज भी वनग्रामों या वन से घिरे ग्रामों में रहती है. लिहाजा आवारा कुत्तों और विषैले सर्पों से इनका रोज का आमना-सामना होता है. साल 2024 में कुत्तों के काटने के कुल 37 लाख मामले दर्ज किये गये.












