नासिक में अक्टूबर 2026 में सिंहस्थ कुंभ का आयोजन होना है. प्राचीन काल में या यूं कहें कि सनातन में वन, सरोवर, नदियां सभी पूज्य थीं. ऋषि वनों में रहते थे और वहीं रहकर अपने शोध कार्य करते थे. शोध कार्यों को तब तपस्या कहा जाता था. पर आधुनिक भारत में सबकुछ कार्पोरेट है. वैसे भी पूजा पाठ और हवन से प्रत्यक्षतः कुछ होता हुआ दिखता तो है नहीं. बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं. गंदगी फैलाते हैं और पुण्य कमाकर अपने-अपने रास्ते निकल जाते हैं.












