इसी पहाड़ी पर मिला था गणेश को एकदंत का नाम
दंतेवाड़ा। गणेश चतुर्थी पर विघ्नहर्ता के दर्शन के लिए लोग ढोलकल पहाड़ी पर भी चढ़े। रायपुर और प्रदेश के अन्य हिस्से से पहुंचे पर्यटकों का दल समुद्र तल से 2994 फीट ऊंची चोटी पर पहुंचा। यहीं श्रीगणेश और परशुराम का युद्ध हुआ था जिसमें एक दांत टूट जाने से गणेशजी को एकदंत कहा गया और जहां परशुराम का फरसा गिरा था वह गांव फरसपाल के नाम से प्रसिद्ध हुआ।












