भिलाई। इंजीनियरिंग की पढ़ाई भले ही कई विभागों में बंट चुकी हो किन्तु इसके कोर ब्रांचेस की डिमांड कभी कम नहीं होती। सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी शाखाओं कम्प्यूटर साइंस और आईटी का जहां अपने क्रेज है वहीं सिविल, इलेक्ट्रिकल और मेकानिकल का महत्व अपने स्थान पर कायम है। इंजीनियरिंग के कोर ब्रांचेस में स्टूडेंट्स का सदैव से रूझान रहा है इस वजह से ये हॉट फेवरेट ब्रांचेस के रूप में जानी जाती हैं। हमारे देश में मेक इन इंडिया पॉलिसी के लागू होने से कोर ब्रांचेस से पास हो रहे इंजीनियर्स के लिये जहां एक ओर रोजगार की संभावनायें बढ़ रही हैं वहीं स्टार्टअप्स के माध्यम से स्व-रोजगार के रास्ते भी खुल गये हैं।












