भिलाई। आज जब लोग थोड़ी अतिरिक्त कमाई के लिए ड्यूटी के बाद भी कोई न कोई ऊठापटक करते रहते हैं तब ‘कल्पतरू’ जैसी इकाइयां आशा जगाती हैं। ‘कल्पतरू’ निजी क्षेत्र में कार्यरत शिक्षकों की एक ऐसी इकाई है जो अपने वेतन में से थोड़ा थोड़ा अंशदान कर सीमित साधनों वाले बच्चों की मदद करती है, पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करती है। ‘कल्पतरू’ इकाई स्वरूपानंद महाविद्यालय के शैक्षणिक स्टॉफ के आर्थिक सहयोग से चलाई जाने वाली संस्था है। इस संस्था के माध्यम से सामाजिक व आर्थिक रूप से पिछड़े सामाजिक सहभागिता व पर्यावरण संरक्षण संबंधी कार्य किये जाते है।












