भिलाई। घरों से सूखा-गीला कचरा ले जाने वाले सफाई मित्रों और झाड़ू-पोंछा-बर्तन करने वाली बाइयों के लिए गुरू पूर्णिमा का दिन चकित करने वाला था। जब वे अपने काम पर पहुंचे तो घर के बच्चे फूलों, तोहफों और चाकलेट के साथ उनका इंतजार कर रहे थे। उन्होंने उन्हें प्रणाम किया और उनसे मिली शिक्षा के लिए उनके प्रति आभार प्रकट किया। ये सभी बच्चे शाश्वत संगीत अकादमी से जुड़े हैं। बच्चों ने सफाई मित्रों और दूसरों के घरों में काम करने वाली महिलाओं से कहा कि उनसे उन्हें जीवन की एक बड़ी सीख मिली है। उन्होंने सीखा है कि काम कोई छोटा बड़ा नहीं होता।












