दुर्ग। सुप्रसिद्ध मनोविशेषज्ञ डॉ. आकांक्षा गुप्तादानी ने अपने उद्बोधन में कहा कि मानसिक स्वास्थ्य जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है और महत्वपूर्ण भी है। हम इस पर ध्यान न देकर लापरवाही बरतते है जिससे छोटी-छोटी बातें एक बड़ी गंभीर समस्या का रूप ले लेती है। उन्होनें अवसाद पर विशेष फोकस करते हुए कहा कि किशोर अवस्था में हम उचित मार्गदर्शन एवं सलाह के अभाव में हत्तोसाहित हो जाते है और धीरे-धीरे यह अवसाद का रूप ले लेता है। छात्राएँ ज्यादा इससे प्रभावित हो जाती है।












