दुर्ग। शासकीय डॉ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हिन्दी विभाग के तत्वाधान में ‘भारतीय साहित्य में आज के भारत का बिम्ब’ विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता शासकीय दानवीर तुलाराम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, उतई के प्रो. सियाराम शर्मा थे। उन्होंने अपनी बात तमिल के प्रसिद्ध कवि सुब्रमण्यम भारती के कथन से प्रारंभ करते हुए कहा कि भारत का चेहरा लगभग 18 भाषाओं का है पर शरीर एक ही है। इनकी बात को आगे बढ़ाते हुए डॉ. शर्मा ने जोड़ा कि सबकी आत्मा भारतीयता ही है।












