भिलाई। वरिष्ठ शिक्षाविद मदन मोहन त्रिपाठी ने कहा कि पिता से मिले संस्कारों ने जहां उनके जीवन को आयाम दिए वहीं खामोशी से हर कदम पर साथ देने वाली पत्नी उनके लिए शक्ति का अविरल स्रोत बनी रहीं। श्री त्रिपाठी अपने 75वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उनका जन्म 7 नवम्बर 1943 को हुआ था। अपने विशाल शिक्षक परिवार एवं लब्ध प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों के बीच श्री त्रिपाठी ने कहा कि उनके माता पिता भले ही शिक्षित नहीं थे पर शिक्षा का मोल जानते थे। उन्होंने बड़ी कठिनाइयों से उन्हें शिक्षा दिलाई थी। इसलिए पहली नौकरी मिलते ही उन्होंने अपने भाइयों की शिक्षा की जिम्मेदारी स्वयं उठा ली।












