बोड़ेगांव। अपेक्षा और उपेक्षा दोनों ही पीड़ा के कारण हैं। हमें इनसे दूर रहकर अपने जीवन को श्रेष्ठ बनाना चाहिए। जीवन में उन्नति के लिए निष्ठा, आत्मसम्मान और समय का सदुपयोग करना जरूरी है। उक्त बातें दुर्ग जिला साक्षरता संयोजक डॉ विनय शर्मा ने एमजे कालेज द्वारा यहां आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर के बौद्धिक सत्र में व्यक्त किये। डॉ शर्मा ने स्वामी विवेकानंद को उद्धृत करते हुए कहा कि जिस व्यक्ति में आत्मसम्मान का बोध नहीं है, 33 करोड़ देवी देवता भी उसका भला नहीं कर सकते। अपने कौशल को निखारने की सतत् चेष्टा, समय का सदुपयोग, मानव मात्र की सेवा और राष्ट्र हित को सर्वोपरि रखकर ही अपनी नजरों में स्वयं को उठाया जा सकता है।












