दुर्ग। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विवेक तिवारी ने कानून को सरल भाषा में अभिव्यक्त करते हुए कहा कि जो अन्तर्मन को गलत लगे वही अपराध होता है। इसी के आधार पर कानून बनाए जाते हैं। एडीजे दीपक गुप्ता एवं एडीजे विवेक तिवारी ग्राम बोड़ेगांव में एमजे कालेज की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के विशेष शिविर को संबोधित कर रहे थे। रासेयो शिविर के बौद्धिक सत्र को संबोधित करते हुए न्यायाधीश श्री तिवारी ने कहा कि किसी भी स्थिति की विवेचना करने के लिए स्वयं को पीड़ित के स्थान पर रख लो, सही गलत का फैसला हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह समझ आपको अपराध करने से बचा सकती है। क्योंकि भले ही कानून यह मान कर चलता है कि उसकी जानकारी प्रत्येक नागरिक को है पर विस्तार से सभी कानूनों की समग्र जानकारी रखना किसी भी एक व्यक्ति के लिए अत्यंत कठिन होगा।












