देवादा। पिछले दो दशक से भी अधिक समय से मनोरोगियों के प्रति जागरूकता एवं उनके पुनर्वास की दिशा में काम कर रहे प्रसिद्ध मनोरोग चिकित्सक डॉ प्रमोद गुप्ता का मानना है कि आज भी लोगों में मानसिक व्याधियों को लेकर स्पष्ट धारणा नहीं है। समाज आज भी मनोरोग चिकित्सकों को पागल डाक्टर कहते हैं। पागल कहलाने के डर से लोग अपनी समस्याओं को लेकर मनोरोग चिकित्सालयों में आने से कतराते हैं।












