भिलाई। एमजे कालेज के विद्यार्थियों ने आज महाविद्यालय परिसर में अपने प्राध्यापकों एवं महाविद्यालय की निदेशक श्रीलेखा विरुलकर के साथ सूखी होली खेली। शुद्ध गुलाल से खेली गई इस होली में किसी भी तरह के जलरंगों या चूड़ी रंगों का प्रयोग नहीं किया गया। बच्चों ने इस अवसर पर डीजे की धुन पर नृत्य भी किया। महाविद्यालय की निदेशक श्रीलेखा विरुलकर ने इस अवसर पर कहा कि होली रंगों की बौछार के बीच मेल मिलाप का पर्व है। प्राकृतिक रंगों से बने गुलालों से न केवल त्वचा और केश सुरक्षित रहते थे बल्कि इससे कुछ रोगों का भी बचाव होता था। पर मौजूदा दौर के रासायनिक रंगों, खासकर गीलें रंगों से त्वचा के साथ ही आंखों को भी खासा नुकसान होता है। इसलिए शुद्ध गुलाल से सूखी होली खेलकर विद्यार्थियों ने एक अच्छा संदेश दिया है।












