Dr-Mahesh-Chandra-Sharma

भिलाई। साहित्याचार्य डॉ. महेशचंद्र शर्मा की सप्तम कृति प्रेरणा प्रदीप आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा देती है। भारतीय साहित्य के मंत्रों और श्लोकों में भारतीय जनों का समूचा जीवन समाया हुआ है। डॉ. शर्मा ने वैदिक भारत और लोक जीवन मूल्यों के साथ वतर्मान आम जन-जीवन के आदर्शों में समन्वय स्थापित करने का सत्प्रयास किया है। ये विचार है विज्ञानविद् साहित्य संस्कृति प्रेमी एवं कल्याण कॉलेज भिलाई के प्राचार्य डॉ. वाईआर कटरे के। विगत दिनों कल्याण कॉलेज के हिन्दी विभाग एवं साहित्य सृजन परिषद भिलाई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित आचार्य डॉ. महेश चंद्र शर्मा की सप्तमी कृति, एनबीटी नई दिल्ली से प्रकाशित प्रेरणा प्रदीप पर आयोजित चर्चा गोष्ठी के मुख्य अतिथि की आसन्दी से बोल रहे थे।

भिलाई। साहित्याचार्य डॉ. महेशचंद्र शर्मा की सप्तम कृति प्रेरणा प्रदीप आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा देती है। भारतीय साहित्य के मंत्रों और श्लोकों में भारतीय जनों का समूचा जीवन समाया हुआ है। डॉ. शर्मा ने वैदिक भारत और लोक जीवन मूल्यों के साथ वतर्मान आम जन-जीवन के आदर्शों में समन्वय स्थापित करने का सत्प्रयास किया है। ये विचार है विज्ञानविद् साहित्य संस्कृति प्रेमी एवं कल्याण कॉलेज भिलाई के प्राचार्य डॉ. वाईआर कटरे के। विगत दिनों कल्याण कॉलेज के हिन्दी विभाग एवं साहित्य सृजन परिषद भिलाई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित आचार्य डॉ. महेश चंद्र शर्मा की सप्तमी कृति, एनबीटी नई दिल्ली से प्रकाशित प्रेरणा प्रदीप पर आयोजित चर्चा गोष्ठी के मुख्य अतिथि की आसन्दी से बोल रहे थे।

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