भिलाई। आचार्य विमर्श सागर महाराज ने कहा कि इस जगत में प्रत्येक जीव अपनी इच्छा को पूरा होता हुआ देखना चाहता है। चाहे वह बालक हो, युवा हो या फिर वृद्ध, अमीर हो या गरीब, प्रत्येक व्यक्ति की कुछ इच्छाएं होती हैं। हर व्यक्ति अपनी इच्छाओं को पूर्ण करना चाहता है। लेकिन चाहने मात्र से संसार में किसी की इच्छाएं पूर्ण नहीं होती। मात्र वही जीव पुण्यशाली व सौभाग्य शाली है जिनकी सभी इच्छाएं पूर्णता को प्राप्त हो पाती हैं।












