भिलाई। चलते-फिरते या झुककर कोई सामान उठाने पर कभी भी पेशाब का निकल आना एक परेशान करने वाली शारीरिक अवस्था है। रोगी न केवल असहज हो जाता है बल्कि कई बार उसे शर्मिन्दगी भी उठानी पड़ती है। इस तरह की स्थिति का सामना कर रहे लोगों का सामाजिक जीवन बुरी तरह से प्रभावित हो जाता है। वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट डॉ नवीन राम दारूका ने बताया कि आधुनिक चिकित्सा पद्धति में इसका पूर्ण इलाज संभव है। इसका इलाज दवाओं से, कसरत द्वारा या सर्जरी द्वारा की जाती है।












