नई दिल्ली। मोदी सरकार टू के कामकाज के पहले दिन ही शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के बड़े संकेत मिले हैं। कस्तूरीरंगन कमेटी ने नई एजुकेशन पॉलिसी का ड्राफ्ट सरकार को सौंप दिया है। इस ड्राफ्ट में मौजूदी शिक्षा व्यवस्था में कई तरह के बदलाव करने की सलाह दी गई है। नई एजुकेशन पॉलिसी में कहा गया है कि बच्चों को कम से कम पांचवीं तक मातृभाषा में ही पढ़ाना चाहिए और पहली क्लास में बच्चों को तीन भारतीय भाषाओं के बारे में भी पढ़ाना चाहिए जिसमें वो इन्हें बोलना सीखें और इनकी स्क्रिप्ट पहचाने और पढ़ें।












