भिलाई। शिक्षण संस्थान विभिन्न नियामक एजेंसियों के बीच फंसकर उगाही का दंश झेल रहे हैं। इसके साथ ही बासी आउटडेटेड पाठ्यक्रमों ने शिक्षा को नीरस कर दिया है। इन दोनों स्थितियों को उलटे बिना उच्च शिक्षा में गुणात्मक सुधार की कल्पना नहीं की जा सकती। उक्त बातें एमजे कालेज की डायरेक्टर श्रीलेखा विरुलकर ने महाविद्यालय के शिक्षा संकाय द्वारा उच्च शिक्षा नीति पर आयोजित संगोष्ठि में व्यक्त किये। इस संगोष्ठि का आयोजन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देशानुसार किया गया था।












