Shilalekh-Baodi-Durg

भिलाई। आमदी नाम भिलाई नगर वासियों के लिए नया नहीं है। 1960 के दशक में जब भिलाई इस्पात संयंत्र के पहले अस्पताल की नींव रखी गई तो उसे आमदी अस्पताल का ही नाम दिया गया। कालांतर में हुडको ने अस्पताल से लगकर कालोनी बसाई तो उसका नाम भी आमदी पर रखा गया। इसी आमदी की विरासत दुर्ग रेलवे स्टेशन के सामने एक अनाम पुराने अहाते में उपेक्षा का शिकार होकर नष्ट हो रहा है। यह जिले की एकमात्र बावड़ी है जिसे संभव 150 साल पहले बनाया गया था।

भिलाई। आमदी नाम भिलाई नगर वासियों के लिए नया नहीं है। 1960 के दशक में जब भिलाई इस्पात संयंत्र के पहले अस्पताल की नींव रखी गई तो उसे आमदी अस्पताल का ही नाम दिया गया। कालांतर में हुडको ने अस्पताल से लगकर कालोनी बसाई तो उसका नाम भी आमदी पर रखा गया। इसी आमदी की विरासत दुर्ग रेलवे स्टेशन के सामने एक अनाम पुराने अहाते में उपेक्षा का शिकार होकर नष्ट हो रहा है। यह जिले की एकमात्र बावड़ी है जिसे संभव 150 साल पहले बनाया गया था।

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