भिलाई। बढ़ती उम्र में प्रोस्टेट आकार में बढ़ सकता है। इसके चलते पेशाब में रुकावट और जलन हो सकती है। युरोलॉजिस्ट से अविलंब जांच करवाकर रोग की पहचान की जा सकती है। जल्द पता लगने पर इसका पूर्ण उपचार किया जा सकता है। विलंब होने पर प्रोस्टेट जटिल कैंसर में परिवर्तित हो जाता है जिसका इलाज बेहद कठिन, लम्बा और महंगा हो सकता है। इससे बचाव के लिए पुरुषों को 40 की उम्र के बाद प्रतिवर्ष एक बार पीएसए की जांच करवानी चाहिए।












