नई दिल्ली। दिल्ली के 48 प्रतिशत रेप पीड़ित बच्चों ने स्कूल जाना बंद कर दिया है। इनमें से 42 प्रतिशत बच्चों ने पढ़ाई ही छोड़ दी है। दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने अपनी एक स्टडी में पाया है कि पीड़ितों में से 67 प्रतिशत लड़के और 51 प्रतिशत लड़कियां हैं। इन बच्चों ने बाहर अकेले आना जाना या खेलना छोड़ दिया है। ज्यादातर परिवारों के समाज के साथ रिश्ते सामान्य या सामान्य से नीचे हुए हैं।












