नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए हटाए जाने का बिगुल आज से 66 साल पहले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने पठानकोट के माधोपुर में फूंका था। 1952 के संसद में अनुच्छेद 370 के खिलाफ प्रभावशाली भाषण के बाद माधोपुर में ही उन्होंने ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे’ का नारा भी भाजपाइयों को दिया। पंजाब के आखिरी गांव माधोपुर से उन्होंने धारा 370 के खिलाफ जंग शुरू की थी और बिना परमिट के जम्मू-कश्मीर की यात्रा करने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया और रहस्यमयी परिस्थितियों में उनकी मौत हुई।












