Achaleshwar-Mahadev-Mount-A

अचलगढ़। माउंटआबू में अचलगढ़ दुनिया की इकलौती ऐसी जगह है जहां भगवान शिव के अंगूठे की पूजा होती है। मंदिर में भगवान शिव के अंगूठे के निशान देखे जा सकते हैं। माउंटआबू को अर्धकाशी भी कहा गया है। भगवान शिव के अर्बुदांचल में वास करने का स्कंद पुराण में प्रमाण मिलता है। माउंटआबू की गुफाओं में आज भी सैकड़ों साधु तप करते हैं। कहते हैं कि यहां की गुफाओं में शिवजी का वास है जो प्रसन्न होने पर साक्षात दर्शन देते हैं। माउंटआबू की पहाड़ियों पर स्थित अचलगढ़ मंदिर पौराणिक मंदिर है जिसकी भव्यता देखते ही बनती है।

अचलगढ़। माउंटआबू में अचलगढ़ दुनिया की इकलौती ऐसी जगह है जहां भगवान शिव के अंगूठे की पूजा होती है। मंदिर में भगवान शिव के अंगूठे के निशान देखे जा सकते हैं। माउंटआबू को अर्धकाशी भी कहा गया है। भगवान शिव के अर्बुदांचल में वास करने का स्कंद पुराण में प्रमाण मिलता है। माउंटआबू की गुफाओं में आज भी सैकड़ों साधु तप करते हैं। कहते हैं कि यहां की गुफाओं में शिवजी का वास है जो प्रसन्न होने पर साक्षात दर्शन देते हैं। माउंटआबू की पहाड़ियों पर स्थित अचलगढ़ मंदिर पौराणिक मंदिर है जिसकी भव्यता देखते ही बनती है।

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