बिलासपुर। पद्मश्री दामोदर गणेश बापट का 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। वे लंबे समय से बीमार थे। उन्होंने 42 सालों तक कुष्ठ पीड़ितों के इलाज और उनके सामाजिक-आर्थिक पुनर्वास के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। वे चांपा से आठ किलोमीटर दूर ग्राम सोठी में भारतीय कुष्ठ निवारक संघ द्वारा संचालित आश्रम से जुड़े थे। मानव सेवा के लिए जीवन समर्पित करने वाले इस युग ऋषि ने देहदान का भी संकल्प लिया था। तदनुसार उनकी पार्थिव काया रिम्स बिलासपुर को समर्पित कर दी गई। इस कुष्ठ आश्रम की स्थापना सन 1962 में कुष्ठ पीड़ित सदाशिवराव गोविंदराव कात्रे ने की थी।












