भिलाई। एमजे कॉलेज ऑफ नर्सिंग में आज विश्व स्तन पान सप्ताह का समापन किया गया। इस अवसर पर नर्सिंग स्टूडेन्ट्स ने रोचक जानकारियों के साथ पीपीटी के सहयोग से प्रजेन्टेशन दिया। उन्होंने नाटकों के द्वारा स्तन पान के महत्व को समझाया तथा शिक्षितों वर्किंग क्लास पर कटाक्ष भी किए। स्टूडेन्ट्स के बीच स्तनपान की थीम पर हेल्दी रेसिपी और स्तनपान पर रंगोली प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन महाविद्यालय की डायरेक्टर श्रीलेखा विरुलकर ने किया। उन्होंने कहा कि मां के दूध को तरल प्रेम भी कहा जाता है। यह वह धारा है जो मां एवं बच्चे को एक अटूट बंधन में बांधती है। यह न केवल शिशु के स्वस्थ विकास एवं निरोगी भविष्य के लिए आवश्यक है बल्कि स्तान पान कराने से स्वयं प्रसूता के स्वास्थ्य में भी तेजी से सुधार होता है। गर्भाशय को पूर्वावस्था में लौटाने में इसकी महति भूमिका है।












