Gau-Karuna-Abhiyan

भिलाई। गाय या गौवंश केवल भारत में ही नहीं पूजी जाती, पूरी दुनिया में उसे सम्मान दिया जाता है। इन देशों में कई मुस्लिम राष्ट्र भी शामिल हैं। इन देशों में गाय पर डाक टिकट और सिक्कों के साथ ही करंसी भी प्रचलन में रही है। विश्व के कई देशों में आज भी गाय का प्रतीकात्मक उपयोग किया जाता है। यह कहना है पिछले साढ़े तीन दशक से गौकरूणा अभियान चला रहे तेजकरण जैन का। अपनी बात को मय साक्ष्य लोगों के सामने रखने के लिए वे अपने संग्रह की नि:शुल्क प्रदर्शनी लगाते हैं।

भिलाई। गाय या गौवंश केवल भारत में ही नहीं पूजी जाती, पूरी दुनिया में उसे सम्मान दिया जाता है। इन देशों में कई मुस्लिम राष्ट्र भी शामिल हैं। इन देशों में गाय पर डाक टिकट और सिक्कों के साथ ही करंसी भी प्रचलन में रही है। विश्व के कई देशों में आज भी गाय का प्रतीकात्मक उपयोग किया जाता है। यह कहना है पिछले साढ़े तीन दशक से गौकरूणा अभियान चला रहे तेजकरण जैन का। अपनी बात को मय साक्ष्य लोगों के सामने रखने के लिए वे अपने संग्रह की नि:शुल्क प्रदर्शनी लगाते हैं।

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