रायपुर। ट्रैकियोब्रोंकियलमलसिया या टीबीएम उन बीमारियों में से एक है जिसके बारे में बहुत कम जागरूकता है। जब सांस की तकलीफ, खांसी और घरघराहट के अन्य इलाज विफल हो जाते हैं तब कहीं जाकर रोगी की इस स्थिति की ओर ध्यान जाता है। ऐसा श्वांस नली में सिकुड़न के कारण होता है। टीबीएम के क्षेत्र में शोध कर रहे डॉ सिधु पी गंगाधरन बताते हैं कि अब तक सर्जरी से ही इसका इलाज संभव हो पाया है।












