दुर्ग। उत्कृष्ट साहित्य के बिना वैज्ञानिक दृष्टिकोण संभव नहीं है। देश में जितने भी प्रसिद्ध साहित्यकार हुये हैं, उनकी रचनाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण की झलक देखने को मिलती है। नयी पीढ़ी को पुरानी पीढ़ी से बेहतर होने का प्रयास करना चाहिए। ये उद्गार अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रसिद्ध वैज्ञानिक, फिल्मकार, कवि एवं शायर गौहर रजा ने आज शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय में व्यक्त किये।












