भिलाई। महात्मा गांधी के सपनों का भारत बनाने के लिए अभी और प्रयास करने होंगे। गांधी ने 1936 में कहा था, ‘जब तक एक भी कुष्ठ रोगी सेवा से वंचित रहेगा, तब तक भारत पूरी तरह आजाद नहीं हो सकता।’ उक्त बातें राष्ट्रीय धरोहर निधि के दुर्ग-भिलाई चैप्टर द्वारा आयोजित परिचर्चा ‘गांधी की प्रासंगिकता’ की अध्यक्षता करते हुए वयोवृद्ध गांधीवादी एवं कुष्ठ उन्मूलन कार्यकर्ता डॉ एमएस द्विवेदी ने कही।












