LIBAS-the-clothes-donor-02

भिलाई। जिस गति से हमारे परिधान पुराने होते हैं, उससे भी कहीं अधिक तेजी से हम नए परिधान खरीदते हैं। परिणाम, आलमारियों में, दीवानों-पेटियों में बंद कपड़े - जिन्हें हम अकसर भूल जाते हैं। यदि इन कपड़ों को हम जरूरतमंदों के लिए दान कर दें, तो बदले में हमारी झोली खुशियों से भर सकती है। कुछ ऐसा ही कर रहे हैं ‘लिबास’ के युवा। वे बेकार पड़े परिधानों को एकत्र करते हैं और फिर इच्छुक लोगों को भेंट करते हैं। आगामी शनिवार को इन युवाओं की दीपावली की मिठाई बांटने की भी योजना है।

भिलाई। जिस गति से हमारे परिधान पुराने होते हैं, उससे भी कहीं अधिक तेजी से हम नए परिधान खरीदते हैं। परिणाम, आलमारियों में, दीवानों-पेटियों में बंद कपड़े – जिन्हें हम अकसर भूल जाते हैं। यदि इन कपड़ों को हम जरूरतमंदों के लिए दान कर दें, तो बदले में हमारी झोली खुशियों से भर सकती है। कुछ ऐसा ही कर रहे हैं ‘लिबास’ के युवा। वे बेकार पड़े परिधानों को एकत्र करते हैं और फिर इच्छुक लोगों को भेंट करते हैं। आगामी शनिवार को इन युवाओं की दीपावली की मिठाई बांटने की भी योजना है।

Full size460 × 304

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *