दुर्ग। नैक की नई मूल्यांकन पद्धति महाविद्यालयों के लिए चुनौती है। नैक ने प्रत्येक गतिविधि के लिए महाविद्यालय की भूमिका को उत्तरदायी ठहराया है। अत: प्रत्येक महाविद्यालय को छात्रहित में आयोजित होने वाली हर गतिविधि से संबंधित आंकड़ों का उचित संधारण करना चाहिए। ये उद्गार शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग के प्राचार्य डॉ. आर.एन. सिंह ने महाविद्यालय के स्वामी विवेकानंद आॅडियो विजुअल हॉल में व्यक्त किये।












