दुर्ग। पालक एवं शिक्षकों के बीच संवाद की विद्यार्थियों के विकास में प्रमुख भूमिका होती है। पालकों का यह दायित्व है, कि वे अपने पुत्र अथवा पुत्री के संबंध में जानकारी प्राप्त करने हेतु महाविद्यालय प्रशासन से एवं शिक्षकों से लगातार सम्पर्क स्थापित करना चाहिए। ये उद्गार शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग के टैगोर सभागार में आज महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर.एन. सिंह ने शिक्षक अभिभावक विद्यार्थी सम्मेलन के दौरान व्यक्त किये।












