भिलाई। सादगी, ईमानदारी व स्व-अनुशासन से कठिन मेहनत करते हुए से जीवन जीकर गांधी ने असाधारण लक्ष्यों को प्राप्त किया है। उनके जीवन से सीख लेकर बच्चे मेहनत करें और अपने जीवन को सार्थक बनायें। यह विचार भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांकृतिक धरोहर निधि के धरोहर द्वारा तुलाराम आर्य कन्या शाला के सहयोग से शालेय विद्यार्थियों के लिए गांधी के विचारों पर आयोजित परिचर्चा में अवकाशप्राप्त सत्र न्यायाधीश मैत्रेयी माथुर ने मुख्य अतिथि की आसंदी से व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि गांधी ने अपने निजी व सार्वजनिक जीवन में अनुशासन और सच्चाई को सर्वाधिक महत्त्व दिया।












