Artist-Yogendra-Tripathy

Yogenddra Tripathy of Patankar Girls College

दुर्ग। चित्रकला में कल्पना एक बड़ा पक्ष होता है जिसमें चित्रकार अपनी स्मृतियों के सहारे धूसर रंगों में सोच को कैनवास पर उतारता है। धूसर रंगों में अमूर्तन को मनोलोक का स्पंदन कहा जा सकता है। योगेन्द्र त्रिपाठी शासकीय डॉ. वावा पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग में चित्रकला विभाग के विभागाध्यक्ष है। उनके चित्रों की प्रदर्शनी नई दिल्ली के सफदरगंज एनक्लेव के ‘आर्ट मोटिफ गैलरी’ में लगाई गयी। इस प्रदर्शनी को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के चित्रकारों एवं प्रबुद्ध वर्ग ने सराहा है।

Full size460 × 288

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *