भिलाई। अहिवारा के एक छोटे से गांव संडी की बेटी सीपी दुबे ने साबित कर दिया कि बेटियां भी किसी से कम नहीं। माता-पिता की प्रेरणा, अदम्य इच्छा शक्ति और कड़ी मेहनत से उन्होंने असाधारण सफलताएं अर्जित कीं और समाज की सोच बदलने में भी सफल रहीं। सीएसवीटीयू में कम्प्यूटर साइंस की पहली डीन बनी डॉ सीपी दुबे ने चार साल पहले नौकरी को अलविदा कह दिया और उद्यमी बनकर गारमेन्ट सेक्टर में कदम रखा। तमाम चुनौतियों का सामना करते हुए उन्होंने स्वयं को स्थापित कर लिया।












