Bhagvat-at-KPS-Kutala-Bhata

Pt Madan Mohan Tripathy gives pravachan on Bhagwat Gita

भिलाई। ‘न तो श्रीकृष्ण रणछोड़ थे न ही नारद जी चुगलखोर। दोनों की प्रत्येक क्रिया के पीछे गहरी सोच हुआ करती थी। श्रीकृष्ण ने कालयवन को अपने पीछे लगाकर जहां मौत के मुंह तक पहुंचाया वहीं नारदजी ने सूचनाओं का सही व्यक्ति तक प्रेषण कर स्थान-काल-परिस्थितियां निर्मित कीं।’ उक्त बातें आज पं. मदन मोहन त्रिपाठी ने केपीएस कुटेलाभाटा में श्रीमदभागवत के दौरान विभिन्न घटनाओं की व्याख्या करते हुए प्रसंगवश कहीं। केपीएस समूह के चेयरमैन पं. त्रिपाठी ने आज के प्रवचन की शुरुआत जरासंध के बार-बार मथुरा पर आक्रमण की घटनाओं से की।

Full size460 × 295

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *