भिलाई। आप अपने आस-पास जो कुछ भी देखते हैं वह सभी ज्यामितीय आकारों से जुड़े हैं। बात चाहे शरीर के छोटे से छोटे कोष की करें या विस्तृत ब्रह्माण्ड की, सभी इन नियमों से बंधे हुए हैं। ‘मंडल कला’ या मंडल आर्ट इन्हीं नियमों का एक परिष्कृत रूप है जिससे आपका जीवनदर्शन बदल सकता है। आपके आस-पास बिखरी वही वस्तुएं आपको नई ऊर्जा से परिपूर्ण कर सकती हैं जिनपर अब तक आपका ध्यान ही नहीं गया था। यह कहना है शहर में मंडल आर्ट पर काम करने वाली संभवत: प्रथम कलाकार समृद्धि साहू का।












