भिलाई। श्री शंकराचार्य महाविद्यालय जुनवानी में सूक्ष्म जीवविज्ञान एवं जंतुविज्ञान विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला ‘सामाजिक कूड़ा प्रबंधन एवं जीवविज्ञान की प्रवृत्ति : एक निर्मल दुनिया का प्रस्ताव’ (3 से 9 दिसंबर) पर चल रहे तकनीकी सत्र में पांचवे दिन मशरूम उत्पादन पर कार्य किया गया। मशरूम उत्पादन पर प्रशिक्षण दे रहे मशरूम विशेषज्ञ दिनेश सिंह ने कहा, मशरूम एक उत्पाद है, जिसे एक कमरे में भी उगाया जा सकता है। इससे किसान अपनी आय दोगुनी ही नहीं चार गुनी कर सकते हैं।












