भिलाई। शिक्षाविद श्रीलेखा विरुलकर ने युवाओं से कहा है कि यदि उन्हें म्यूजियम पीस नहीं बनना हो तो स्वयं को लगातार अपडेट करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि नवोन्मेष और आविष्कार एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। जो आज लेटेस्ट है वह कल आउटडेटेड हो जाता है। हाल ही में अमेरिका की यात्रा से लौटी श्रीलेखा ने सिएटल के म्यूजियम ऑफ़ फ्लाइट का जिक्र करते हुए कहा कि जिन विमानों में बैठकर इंसान पहली बार उड़ा वो सब आज अजायबघर में रखे हैं।












