Lataji-Maharaj

भिलाई। घर में कोई भी मंगल कार्य हो तो अपने कुल के वृद्ध लोगों से परामर्श अवश्य लें क्योंकि अपने कुल की परम्परा का ज्ञान कुल के वृद्धों को ही है आजकल के नौजवानों को नहीं। बाकेबिहारी चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा राधा-कृष्ण मंदिर नेहरू नगर में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के पंचम दिवस पर कोलकाता से पधारे संत पं.शंभुशरण लाटा जी महाराज ने बहुत सी ज्ञान की बाते कहीं जिन्हें मनुष्य को अपने जीवन में उतारना चाहिए। पूज्य संत श्री ने कहा कि संत का श्राप भी अच्छा होता है एवं दुष्ट का वरदान भी बुरा होता है । कन्यादान करने के बाद बेटी के घर का अन्न जल ग्रहण नहीं करना चाहिए।

भिलाई। घर में कोई भी मंगल कार्य हो तो अपने कुल के वृद्ध लोगों से परामर्श अवश्य लें क्योंकि अपने कुल की परम्परा का ज्ञान कुल के वृद्धों को ही है आजकल के नौजवानों को नहीं।
बाकेबिहारी चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा राधा-कृष्ण मंदिर नेहरू नगर में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के पंचम दिवस पर कोलकाता से पधारे संत पं.शंभुशरण लाटा जी महाराज ने बहुत सी ज्ञान की बाते कहीं जिन्हें मनुष्य को अपने जीवन में उतारना चाहिए। पूज्य संत श्री ने कहा कि संत का श्राप भी अच्छा होता है एवं दुष्ट का वरदान भी बुरा होता है । कन्यादान करने के बाद बेटी के घर का अन्न जल ग्रहण नहीं करना चाहिए।

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