दुर्ग। शोध कार्य को प्रयोगशाला से बाहर लाकर सामाजिक हित में उपयोग करना वतर्मान समय की आवष्यकता है। आजकल किसी भी पदार्थ का बिना लक्ष्य के उपयोग समाज एवं पर्यावरण हेतु हानिकारक सिध्द हो रहा है। 3 डी प्रिटिंग हेतु मटेरियल का प्रयोग हो रहा है। शोध में इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वह समाज एवं पर्यावरण के हित में हो। ये उद्गार डॉ. ए.के. सिंह, डायरेक्टर राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फटिर्लाइजर लिमिटेड, मुंबई ने शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग में व्यक्त किये।












