दुर्ग। संस्कृति युक्त शिक्षा वर्तमान समय की महति आवश्यकता है। हम चाहे कितने भी आगे निकल जाये परंतु हमें अपने संस्कारों को कभी नहीं भूलना चाहिए। ये उद्गार छत्तीसगढ़ के गृह, जेल, लोक निर्माण, धर्मस्व पर्यटन, एवं संस्कृति मंत्री ताम्रध्वज साहू ने आज शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय तथा आदर्श महाविद्यालय के संयुक्त वार्षिक स्नेह सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किये।












