संबलपुर (ओडीशा)। साहित्य ही सत्य है उसकी प्रासंगिकता हमेशा बनी रहेगी। गंगाधर मेहेर विश्वविद्यालय हिन्दी विभाग द्वारा ‘भक्तिकालीन साहित्य पुर्नालोचना आधुनिक संदर्भ में’ शीर्षक पर आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन अवसर पर संबलपुर विश्वविद्यालय हिन्दी विभाग के संयोजक डॉ. मुरारीलाल शर्मा ने यह बात कही। डॉ. शर्मा ने कहा कि शब्द और साहित्य दोनों ब्रह्म हैं। साहित्य जहाँ नैतिकता का पाठ पढ़ाता है वहीं विश्वास जगाता है।












